Patwari Rajasthan GK Syllabus: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर के द्वारा 20 फरवरी 2025 को राजस्थान पटवारी परीक्षा 2025 की विस्तृत विज्ञप्ति जारी की गई, जिसके अनुसार राजस्थान में कल 2020 पटवारी की भर्ती आयोजित की जा रही है, इस पटवारी परीक्षा में परीक्षा का विस्तृत परीक्षा पैटर्न तथा परीक्षा का सिलेबस जारी किया गया.
इस आर्टिकल में हम आपको राजस्थान पटवारी परीक्षा 2023 के संबंध में राजस्थान सामान्य ज्ञान का विस्तृत सिलेबस तथा परीक्षा पैटर्न बताने जा रहे हैं, आपको बता दे यदि आपको राजस्थान पटवारी परीक्षा में सफलता पानी है या सलेक्शन करवाना है तो आपको राजस्थान जनरल नॉलेज पढ़ना अत्यंत आवश्यक है और इसकी तैयारी पॉइंट टू पॉइंट करनी आवश्यक है, क्योंकि राजस्थान सामान्य ज्ञान के बिना राजस्थान पटवारी परीक्षा 2025 में सफलता पाना असंभव सा है.

Important Dates for Patwari Exam 2025
राजस्थान पटवारी परीक्षा 2025 के लिए ऑनलाइन फॉर्म 22 फरवरी 2025 से 23 मार्च 2023 तक भरे जा रहे हैं पटवारी परीक्षा की परीक्षा तिथि 11 में 2025 को रखी गई है यह परीक्षा ओमर बेसिक ऑफलाइन आयोजित की जाएगी.
- The application starts: 22/02/2025
- Last Date for Apply Online: 23/03/2025
- Complete Form Last Date: 23/03/2025
- Rajasthan Patwari Exam Date: 11/05/2025 (OMR Based Offline)
Age Limit for Rajasthan Patwari 2025
राजस्थान पटवारी परीक्षा 2025 के लिए कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर द्वारा विज्ञप्ति जारी की गई जिसके अनुसार आवेदक की न्यूनतम आयु 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष तथा अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए आयु में छूट संबंधी प्रावधान कैटेगरी के अनुसार इस भर्ती नियमों के अनुसार दिए गए हैं कृपया अधिक जानकारी के लिए विज्ञप्ति का अवलोकन करें.
- Minimum Age: 18 Years
- Maximum Age: 40 Years
- Age Relaxation Extra as per Rules.
Vacancy & Qualification for Rajasthan Patwari 2025
Post Name | Area | Total | Qualification | |||||
Patwari | Non TSP | 1733 | Bachelor’s Degree in Any Stream from Any Recognized University in India. NIELIT O Level Exam Passed / COPA / Degree OR Diploma in Computer Science / Computer Application OR RS-CIT OR Engineering Degree in Any Branch OR Equivalent. AND Candidates should qualified for the Graduation Level CET in Rajasthan. | |||||
TSP | 287 |
Selection Process for Patwari 2025
राजस्थान पटवारी परीक्षा 2025 के लिए सिलेक्शन प्रोसेस नई प्रकार दिया गया है-
- Written Examination (Offline OMR Based)
- Documents Verification.
- Medical Examination
Latest Exam Pattern for Patwari Syllabus 2025
- The Duration for Patwari Exam will be 3 hours.
- Negative Marking: Yes, 1/3 for each wrong answer
- इस पोस्ट से विषय के अनुसार राजस्थान पटवारी मैं राजस्थान जीके के 30 प्रश्न होंगे और उनकी कुल मार्क्स 60 होंगे.
Subject | Number of Questions | Total Marks |
---|---|---|
General Science; History, Polity, and Geography of India; General Knowledge, Current Affairs | 38 | 76 |
Geography, History, Culture, and Polity of Rajasthan | 30 | 60 |
General English & Hindi | 22 | 44 |
Mental Ability and Reasoning, Basic Numerical Efficiency | 45 | 90 |
Basic Computer | 15 | 30 |
Total | 150 | 300 |
RSSB Patwari Rajasthan GK Official Syllabus
RSSB Patwari Rajasthan General Knowledge official Syllabus is given below-
- राजस्थान के इतिहास की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं।
- राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था राज्यपाल, राज्य विधानसभा, उच्च न्यायालय, राजस्थान लोक सेवा आयोग, जिला प्रशासन, राज्य मानवाधिकार आयोग, राज्य चुनाव आयोग, लोकायुक्त, राज्य सूचना आयोग, लोक नीति।
- सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दे।
- स्वतंत्रता आंदोलन, जन जागृति और राजनीतिक एकीकरण।
- लोक कलाएं, चित्रकला एवं हस्तशिल्प एवं वास्तुकला।
- मेले, त्यौहार, लोक संगीत और लोक नृत्य। o राजस्थानी संस्कृति और विरासत, साहित्य।
- राजस्थान के धार्मिक आंदोलन, संत और लोक देवता। महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल।
- राजस्थान की प्रमुख हस्तियां (व्यक्तित्व)।
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Rajasthan Patwari Raj. GK Detailed Syllabus
राजस्थान का इतिहास, संस्कृति और प्रशासन
राजस्थान, जिसे वीरों की भूमि कहा जाता है, अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के किले, महल, लोक नृत्य, संगीत, हस्तशिल्प और स्थापत्य कला इसकी अनूठी पहचान को दर्शाते हैं।
1. राजस्थान के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएँ
राजस्थान का इतिहास राजपूत शासकों, मुगलों और अंग्रेजों के शासनकाल की महत्वपूर्ण घटनाओं से भरा हुआ है।
- गुर्जर-प्रतिहार वंश, मेवाड़ के सिसोदिया, मारवाड़ के राठौड़ और अन्य राजपूत वंशों की वीरगाथाएँ यहाँ की शान हैं।
- हल्दीघाटी का युद्ध (1576) महाराणा प्रताप और अकबर के बीच हुआ, जो राजस्थान के गौरवशाली इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
- राजस्थान 1949 में विभिन्न रियासतों के विलय के बाद एकीकृत राज्य के रूप में स्थापित हुआ।
2. राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था
राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था भारतीय संविधान के तहत कार्य करती है।
- राज्यपाल: राजस्थान का संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल होता है, जो राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है।
- राज्य विधानसभा: यह राज्य की विधायी संस्था है, जिसमें निर्वाचित प्रतिनिधि विभिन्न नीतियों और कानूनों का निर्माण करते हैं।
- उच्च न्यायालय: राजस्थान का उच्च न्यायालय जोधपुर में स्थित है, जो न्यायिक व्यवस्था की देखरेख करता है।
- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC): यह सरकारी नौकरियों की भर्ती और परीक्षाओं का आयोजन करता है।
- जिला प्रशासन: प्रत्येक जिले में एक कलेक्टर होता है, जो प्रशासनिक कार्यों का संचालन करता है।
- राज्य मानवाधिकार आयोग: यह मानवाधिकारों की रक्षा और संवर्धन के लिए कार्य करता है।
- राज्य चुनाव आयोग: राज्य में चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने का कार्य करता है।
- लोकायुक्त: यह भ्रष्टाचार को रोकने और प्रशासन में पारदर्शिता लाने का कार्य करता है।
- राज्य सूचना आयोग: सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत सूचना प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है।
- लोक नीति: राज्य सरकार की विभिन्न नीतियाँ जनता के कल्याण हेतु बनाई जाती हैं।
3. सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दे
राजस्थान में सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से कई मुद्दे देखे जाते हैं, जैसे:
- जाति व्यवस्था और सामाजिक असमानता।
- महिला सशक्तिकरण और बाल विवाह की समाप्ति के प्रयास।
- शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुधार।
- शहरीकरण और पारंपरिक संस्कृति का संरक्षण।
4. स्वतंत्रता आंदोलन, जन जागृति और राजनीतिक एकीकरण
राजस्थान के वीरों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- ठाकुर केसरी सिंह बारहठ, विजय सिंह पथिक, अर्जुन लाल सेठी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया।
- प्रजामंडल आंदोलन के माध्यम से रियासतों को जनतंत्र में बदलने की मुहिम चलाई गई।
- 1949 में सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से राजस्थान का राजनीतिक एकीकरण हुआ।
5. लोक कलाएँ, चित्रकला, हस्तशिल्प एवं वास्तुकला
राजस्थान अपनी कला और स्थापत्य के लिए प्रसिद्ध है।
- मीनाकारी, कोटा डोरीया, ब्लू पॉटरी, बंधेज, संगरमरमर और लकड़ी की नक्काशी प्रसिद्ध हस्तशिल्प हैं।
- राजस्थानी चित्रकला में मेवाड़, मारवाड़, बूंदी, कोटा और बीकानेर शैलियाँ प्रसिद्ध हैं।
- जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर और उदयपुर के महल, हवेलियाँ और किले उत्कृष्ट वास्तुकला का उदाहरण हैं।
6. मेले, त्यौहार, लोक संगीत और लोक नृत्य
राजस्थान के मेले और त्यौहार इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।
- पुष्कर मेला, डेजर्ट फेस्टिवल, तीज, गणगौर, मकर संक्रांति और दीपावली यहाँ के प्रमुख त्यौहार हैं।
- लोक संगीत में मांड, पंडवाणी, पाबूजी की फड़ प्रसिद्ध हैं।
- लोक नृत्यों में घूमर, कालबेलिया, चकरी, भवाई, गेर, तेरहताली आदि प्रसिद्ध हैं।
7. राजस्थानी संस्कृति और विरासत, साहित्य
राजस्थान की संस्कृति इसकी समृद्ध परंपराओं और साहित्य में झलकती है।
- राजस्थानी भाषा और साहित्य में सूर्यमल मिश्रण, कन्हैया लाल सेठिया, विजयदान देथा जैसे प्रसिद्ध साहित्यकारों का योगदान है।
- लोक कथाएँ जैसे ढोला-मारू, पाबूजी की फड़ और देवल-फुलवारी राजस्थान की अमूल्य धरोहर हैं।
8. राजस्थान के धार्मिक आंदोलन, संत और लोक देवता
राजस्थान में संतों और लोक देवताओं की महान परंपरा रही है।
- मीरा बाई, संत दादू दयाल, जसनाथजी, रामदेवजी, गोगाजी, तेजाजी, पाबूजी आदि लोक देवता और संत माने जाते हैं।
- ये संत सामाजिक सुधार और धार्मिक एकता का संदेश देते थे।
9. महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल
राजस्थान में अनेक ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल हैं, जैसे:
- जयपुर: आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस।
- उदयपुर: लेक पैलेस, सिटी पैलेस, फतेहसागर झील।
- जोधपुर: मेहरानगढ़ किला, जसवंत थड़ा।
- जैसलमेर: सोनार किला, सम सैंड ड्यून्स।
- माउंट आबू: दिलवाड़ा जैन मंदिर, नक्की झील।
- अजमेर: ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह।
- पुष्कर: ब्रह्मा मंदिर और पुष्कर झील।
10. राजस्थान की प्रमुख हस्तियाँ (व्यक्तित्व)
राजस्थान ने कई प्रसिद्ध व्यक्तित्वों को जन्म दिया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दिया।
- वीर दुर्गादास राठौड़, महाराणा प्रताप, जयपुर के सवाई जयसिंह, अमृता देवी बिश्नोई (पर्यावरण रक्षा की मिसाल)।
- सी.डी.एस. बिपिन रावत (भारतीय सेना), भगवानदास माहेश्वरी (शिक्षा), कैलाश सत्यार्थी (नोबेल पुरस्कार विजेता)।
- गुलाबो सपेरा (कालबेलिया नृत्य), इला अरुण (गायन), इरफान खान (सिनेमा) आदि।
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